शिक्षा का अधिकार: निजी स्कूलों को ऑनलाइन राशि प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़

Chhattisgarh becomes the first state in the country to provide online funds to private schools
स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने जारी किए 101 करोड़ रूपए

रायपुर – स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत आज प्रदेश के 4 हजार 473 निजी स्कूलों के शिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति राशि 101 करोड़ रूपए सीधे उनके खाते में आॅनलाईन ट्रान्सफर किए। छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य है जहां सिर्फ कोरोना काल में 51,985 बच्चों को प्रवेश दिलाकर व्यवस्थित तरीके से आॅनलाईन राशि भेजी गई है। अब तक शिक्षा के अधिकार के तहत 33 लाख 65 हजार 552 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। 

उल्लेखनीय है कि शिक्षा के अधिकार के मामले में छत्तीसगढ़ के इस माॅडल को ओडिशा, झारखण्ड और आसाम राज्योें में भी अपनाया जा रहा है। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री के आवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संचालक लोक शिक्षण एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ल, कार्यक्रम के सहायक संचालक एवं नोडल अधिकारी श्री अशोक कुमार बंजारा, सहायक संचालक श्री प्रशांत पाण्डेय, बैंक के अधिकारी और इन्डस एक्शन संस्था के पदाधिकारी उपस्थित थे।

स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार शिक्षा के अधिकार की राशि आॅनलाईन स्कूलों को प्रदान की गई है। मंत्री डाॅ. टेकाम ने बताया कि लंबे समय से यह मांग बार-बार आ रही थी कि निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार के तहत् आने वाले वंचित वर्ग के बच्चों की फीस समय पर नहीं मिल पा रही है। इसलिए राशि राज्य से सीधे खाते में भुगतान की व्यवस्था की गई है। इस पहल से पूरी व्यवस्था पारदर्शी होगी। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के बावजूद वर्तमान शैक्षणिक सत्र में जनवरी 2021 की स्थिति में 51 हजार 985 बच्चे प्रवेश ले चुके हैं।