ग्रामीण सचिवालयों के साप्ताहिक बैठक के लिए दिन निर्धारित करने के निर्देश

Instructions to schedule days for weekly meetings of rural secretariats
व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालयों का उपयोग और रखरखाव सुनिश्चित हो
ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का क्रियान्वयन सही ढंग से हों
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा

रायपुर – पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंह देव ने आज ठाकुर प्यारे लाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने विकास कार्याें के साथ ही ग्राम पंचायत विकास योजना पर विशेष जोर देते हुए ग्रामीणों की छोटी-छोटी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पंचायत स्तर पर ग्रामीण सचिवालयों की साप्ताहिक बैठक के लिए दिन निर्धारित करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत स्तरीय इस बैठक में पंचायत सचिव, पटवारी, सहकारिता विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकार, लाइनमैन, हैण्डपम्प मैकेनिक एवं सहकारी समिति सेवक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करेंगे। 

मंत्री श्री सिंह देव ने पंचायत सचिवों के रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने को कहा, ताकि पंचायतों का काम सुचारू रूप से चलता रहे। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालयों का शतप्रतिशत उपयोग और उनके रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री सिंह देव ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का क्रियान्वयन सही ढंग से करने का कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ठ प्रबंधन का अलग-अलग परिदृश्य होता है, इसके लिए अच्छी तरह से अध्ययन करने के बाद योजना लागू करें, ताकि यह कार्य लम्बे समय तक चले और इस कार्य में जुड़े स्वच्छता दीदीयों एवं सफाई कमिर्यों के आय का स्त्रोत बनी रहे। मंत्री श्री सिंह देव ने अंबिकापुर में अपनाए गए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत विश्व बैंक से प्राप्त राशि का उपयोग 31 जनवरी 2021 तक अनिवार्य रूप से करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार के अतिरिक्त संयुक्त सचिव श्री अरूण बरोका भी उपस्थित थे। श्री बरोका ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी मकानों में शौचालय निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाए। शौचालयों के लिए राशि की कमी नहीं है। कोविड-19 के बावजूद 500 करोड़ रूपए रिलीज हुए हैं, इस फंड का इस्तमाल करें। उन्होंने कहा कि नाली निर्माण के समय इस बात का ध्यान रखे कि जल स्त्रोतों एवं तालाबों में साफ पानी भी जाना चाहिए और आसपास का वातावरण साफ-सुथरा भी होना चाहिए। मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि जिला पंचायतों की सामान्य सभा और स्थाई समितियों की बैठकें भी नियमित रूप से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उनकी बातों को आदरपूर्वक सुनें और जो उचित हो उसे नियमानुसार क्रियान्वित करें। उन्होंने जिलेवार पंचायतों द्वारा 14वां वित्तीय आयोग के अनुदान व्यय, सभी पंचायती राज संस्थाओं का वर्ष 2019-20 की स्थिति में ऑडिट, पंचायतों के आय वृद्धि के लिए करारोपण एवं बकाया वसूली, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत हुए कार्याें तथा विकास आयुक्त कार्यालय से संबंधित कार्याें की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर. प्रसन्ना, संचालक पंचायत श्री मोहम्मद अब्दुल केसर हक, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की मिशन संचालक सुश्री इफ्फत, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन संचालक श्री के.एल. चौहान, मुख्य अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के श्री एस.एन. श्रीवास्तव सहित सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे।