कृषि विभाग बिलासपुर ने किसानों को अतिरिक्त आय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खेतों की मेड़ों पर दलहन-तिलहन की फसलों की खेती को बढ़ावा देने का विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मेड़ों पर दलहन-तिलहन की खेती के लिये बिलासपुर जिले के सभी विकाखंडों में विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत खेतों की मेड़ों पर अरहर एवं अन्य दलहनी-तिलहनी फसलों का उत्पादन किया जाएगा। कृषि विभाग द्वारा खेतों की मेड़ों पर दलहन और तिलहन की खेती के लिये किसानों को प्रेरित और प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। गांव और किसानों का चयन हेतु वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों को निर्देश भी दिया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत फसल प्रदर्शन अंतर्गत खेतों की मेड़ों पर अरहर बीज खेत के मेड़ों पर खेती हेतु 2.5 किलोग्राम प्रति हेक्टर की दर से कृषकों को निःषुल्क वितरण किया जाएगा।
कृषि विभाग के उप संचालक कृषि शशांक शिंदे ने बताया कि धान के खेत का 2 से 5 प्रतिशत रकबा मेड़ों से आच्छादित रहता है। इन मेड़ों पर उचित प्रबंधन कर दलहन-तिलहन एवं साग-सब्जी की खेती कर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त की जा सकती है। साथ ही उचित पोषण आहार प्राप्त कर स्वस्थ एवं तंदुरूस्त रहा जा सकता है। कृषि विभाग अभियान चलाकर, मैदानी अमलों एवं किसान संगवारियों को मेड़ों पर अरहर, तिल लगानें हेतु लक्ष्य प्रदाय कर रहा है। साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा मेड़ों पर उच्च गुणवत्ता के दलहनी-तिलहनी फसलों का कार्यमाला भी तैयार की जा रही है। इसके अतिरिक्त गौठान ग्रामों में दलहन एवं तिलहन फसलों के बीज उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु कृषकों के मध्य प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

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