लॉकडाउन में मुख्यमंत्री राहत शिविर बना आजीविका केंद्र

सूरजपुर – जिला प्रशासन द्वारा कैंप परिसर में ही शरणार्थी मजदूरों के लिए आजीविका गतिविधि शुरू की गई है। वे बांस के ट्री गार्ड बना रहे हैं जो सीधे वन विभाग द्वारा खरीदे जा रहे हैं। कैंप में ही उन्हें कच्चा माल भी उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति 350-400 रुपये की दैनिक आय उत्पन्न करने में सक्षम है।

इसके जरिये 2 दिनों में 30,000 रुपये का भुगतान किया गया है। जब वे वापस जायेंगे तो वे न केवल यादों को ले जाएंगे बल्कि परिवार के लिए अतिरिक्त धन भी उनके साथ होगा।