मेकाहारा ने दिया हमे नया जीवन विश्वास दंपत्ति की कहानी – उनकी जुबानी

मेकाहारा से अब तक 2100 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे

रायपुर– हमारा इलाज यदि मेकाहारा में नही होता तो हम आज जिंदा नही बचते’, यह कोई सामान्य डायलाग नही है बल्कि श्रीमती  रेवा विश्वास और श्री मन्मथ विश्वास की पूरी जिंदगी इसमें समा गई। 

   श्रीमती रेवा विश्वास ने अपनी कांपती सी और खुशी भरी आवाज में बताया कि उनके और उनके पति के कोरोना पाजिटिव होने के बाद जब डा0 भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल में 30 अगस्त को भर्ती हुए तो उन दोनों की हालत बहुत क्रिटिकल थी। लेकिन डा सुंदरानी के इलाज और दूसरे स्टाफ के सहयोग से वे दोनों 10 दिनों में ही पूरी तरह ठीक हो गए और कल 8 सितंबर को डिस्चार्ज हो गए। दोनों की उम्र 67 और 63 वर्ष है ,इसलिए उनके परिजन भी बहुत चिंतित थंे। लेकिन डा0 भीमराव अंबेडकर अस्पताल में समय पर सही इलाज मिल जाने के कारण उन दोनांे को नया जीवन मिल गया। श्रीमती रेवा वहां की सुविधाओं से भी काफी संतुष्ट दिखीं।

    यह तो केवल एक वाकया है ,वास्तव में यहां से स्वस्थ होकर घर लौटे लगभग 2100 मरीजों के पास है अच्छाई की कहानी, ईश्वर और उनके भेजे गए देवदूत चिकित्सकों के हाथों किए गए इलाज और पैरामेडिकल स्टॉॅफ की मेहनत के किस्से, जिसे वे सालों साल सबको सुनाएंगे और खुश रहेंगे और दुूसरों की मदद करके इस खुबसूरत दुनिया को और बेहतर करने की कोशिश करेंगे।

Comments are closed.