महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लोगों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन की कवायद : स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल का महत्व बताने चलाया जा रहा जागरूकता अभियान

रायपुर – महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान के तहत लोगों में जागरूकता लाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए मैदानी अमले कोे माह वार विशेष टास्क दिए जा रहे हैं जिससे लोगों को जागरूक कर उनके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। इस कड़ी में अक्टूबर माह में स्वस्थ जीवन के लिए जनसामान्य  को साफ-सफाई, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैैंं।

उल्लेखनीय है कि पोषण अभियान में व्यवहार परिवर्तन एक आवश्यक घटक है। कुपोषण के प्रभावी निदान के लिए परिवार का जागरूक होना जरूरी है। इसके लिए लोगों में साफ-सफाई और उचित खान-पान की आदत का व्यवहार में आना बहुत जरूरी है। इससे न सिर्फ बीमारियों से बचा जा सकता है बल्कि सेहत के लिए भी यह जरूरी है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं गृह भेंट के माध्यम से और आंगनबाड़ियों में लोगों को हांथों की साफ-सफाई रखने और गंदे हाथों और पानी से होने वाले संक्रामक बीमारियों के प्रति भी जागरूक कर रही हैं। कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को समझाया जा रहा है कि बिना हाथ धोए कुछ खाने से हाथों की गंदगी हमारे शरीर में चली जाती है जो कई बीमारियों का कारण बन जाती है। आसपास साफ सफाई रखना और साबुन से हाथ धोना बीमारियों से बचाव और जीवन सुरक्षा के लिए एक आसान,प्रभावी और बेहतर तरीका है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हाथ धोने का महत्व और भी बढ़ गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लोगों को बता रही हैं कि कम से कम 20 सेकण्ड तक साबुन से हाथों को अच्छी तरह साफ किया जाना चाहिए। इसके बाद साफ कपड़े से हाथों को पोछा जाना चाहिए। कोरोना महामारी के दौर मे कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है।