तांदुला नदी, छत्तीसगढ़

Tandula river

Tandula river नदी कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के उत्तर में स्थित पहाड़ियों से निकलती है यह शिवनाथ की प्रमुख सहायक नदी है। इसकी लम्बाई 64 किलोमीटर है। तांदुला बांध इसी नदी पर बालोद तथा आदमाबाद के निकट बनाया गया है। इससे पूर्वी भाग में नहरों से सिंचाई होती है।

तांदुला नदी का उद्गम कांकेर के उत्तरी भाग के भानुप्रतापपुर से होती है। इसकी कुल लाम्बाई 64 किलोमीटर है। बालोद एवं आदमाबाद के पास सूखा नाला का विलय इस नदी में होता है। इसी स्थान पर तांदुला बांध का निर्माण हुआ है। तांदुला नदी का विलय शिवनाथ नदी में होता है।

तांदुला जलाशय तांदुला नदी और सूखा नाला के संगम पर बालोद जिले में स्थित प्रदेश का प्रथम नदी परियोजना है। तांदुला परियोजना का निर्माण ब्रिटिश अभियंता एडम स्मिथ के मार्गदर्शन में वर्ष 1910 से 1920 के बीच पूरा हुआ। यह छत्तीसगढ़ का तीसरा साबसे बड़ा जलाशय है।

परियोजना:
इस नदी पर प्रदेश का प्रथम नदी परियोजना “तांदुला परियोजना (1910-20)” है। जिससे BSP भिलाई को पानी दिया जाता है।

गोंदली जलाशय(Gondli Dam): वर्ष 1957 में यह महसूस किया गया कि तांदुला जलाशय का पानी आवश्यकताओं को पूर्ण नही कर रही है। इसलिए पास के ही जुंझार/जुहार नाले पर गोंदली जलाशय का निर्माण बालोद जिले में किया गया। इस जलाशय को 9 किलोमीटर लंबी नहर के द्वारा तांदुला से जोड़ा गया। तथा खरखरा जलाशय से भी जोड़ा गया।
नोट : इससे BSP भिलाई को पानी दिया जाता है।

खरखरा जलाशय(Kharkhara Dam): बालोद जिले में खरखरा नदी पर स्थित पुर्णतः मिट्टी से निर्मित जलाशय है। इसकी लाम्बई लगभग 1128 मीटर है। यह एक सायफन परियोजना है, इसका निर्माण 1967 में किया गया था।
प्रवाहित क्षेत्र – कांकेर, बालोद, दुर्ग।

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