चीतल का शिकार करने के आरोप में वन विभाग ने 6 को पकड़ा

रायपुर – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में चीतल का शिकार करने के आरोप में वन विभाग ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। विभाग ने आरोपियों से 35 किलोग्राम मांस बरामद किया है। बिलासपुर जिले के वन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि जिले के अचानकमार बाघ अभयारण्य में चीतल का शिकार करने के आरोप में विभाग ने अलग-अलग स्थानों से छह लोगों विवेक नेलशन (29), मैक्सन जार्ज (35), बुधराम (30), भुवनेश्वर पोर्ते (45 वर्ष), आसाराम (27 ) और रघुनाथ (45 ) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं हसरत खान, संतोष और सुरेश फरार हैं।

अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग को जानकारी मिली थी कि शिकारियों ने शिवतरई गांव के करीब करंट लगाकर एक चीतल की हत्या कर दी है। टाइगर रिजर्व के बफर जोन में इस घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार को वन विभाग के दल को रवाना किया गया था।

उन्होंने बताया कि वन विभाग का दल क्षेत्र में पहुंचा और छानबीन शुरू की। बाद में विभाग ने रविवार सुबह करीब 2.30 बजे विवेक और मैक्सन को गिरफ्तार कर लिया। विभाग ने दानों से 10 किलोग्राम मांस बरामद किया।

अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की और उनसे जानकारी मिलने के बाद शिवतराई गांव के पूर्व सरपंच संतोष पोर्ते, सुरेश उरांव और बुधराम के घर की तलाशी ली।

उन्होंने बताया कि वन विभाग ने संतोष के घर से 25 किलोग्राम मांस तथा धारदार हथियार और बुधराम के घर से धनुष बाण, तार तथा क्लच वायर बरामद किया।

अधिकारियों ने बताया कि बाद में वन विभाग ने इस घटना के अन्य आरोपी भुवनेश्वर पार्ते को गिरफ्तार कर लिया। पोर्ते पर चीतल को मारने के लिए सात किलोमीटर दूर जंगल में करंट प्रवाहित करने का आरोप है। विभाग ने घटनास्थल से चीतल के अवशेष बरामद किये हैं।

उन्होंने बताया कि मामले की छानबीन के दौरान जानकारी मिली कि बिलासपुर के हसरत खान ने 0.22 बोर की बंदूक से चीतल की हत्या की थी। इस दौरान संतोष, मैक्सन और विवेक ने उसकी मदद की थी। बाद में अन्य आरोपी रघुनाथ को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि आरोपियों से बरामद मांस को जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजा गया है। इससे जानकारी मिलेगी कि मांस केवल चीतल का है या उन्होंने अन्य जानवर का भी शिकार किया है।

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