मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का असर, ग्लोबल फंड प्रोजेक्ट जीएफएटीएम के तहत राज्य को मिलेगा मोबिलिटी सपोर्ट

ज़िलों के लिए 17 चार पहिया एवं विकासखंडों हेतु 75 दो पहिया गाड़ियों हेतु आर्थिक सहयोग

मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान (Malaria Free Bastar) से बस्तर संभाग में मलेरिया के मामलों में 45.20 प्रतिशत की आई है कमी

रायपुर : मलेरिया नियंत्रण हेतु राज्य शासन द्वारा लॉंच किए गए मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान (Malaria Free Bastar) का काफ़ी व्यापक असर देखने को मिला है।  बस्तर क्षेत्र में इसके बेहतरीन परिणाम देखे जाने के बाद इस अभियान का मलेरिया मुक्त छतीसगढ़ अभियान के रूप में पिछले वर्ष के अंत में सरगुजा संभाग में भी क्रियान्वयन किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा चलाए गए दोनो संभागों में इन विशेष अभियानों से मलेरिया के प्रकरणों में लगातार कमी आ रही है। अप्रैल-2020 की तुलना में अप्रैल-2021 में सरगुजा संभाग में मलेरिया के मामलों में 60 प्रतिशत और बस्तर संभाग में 45 प्रतिशत की कमी आई है।

इस अभियान की सफलता को देखते हुए अब ग्लोबल फंड फॉर एड्स, टीबी एंड मलेरिया (GFATM) भी छत्तीसगढ़ से मलेरिया को खत्म करने राज्य सरकार का सहयोग करेगी। संस्था द्वारा इंटेन्सिफाइड मलेरिया एलिमिनेशन प्रोजेक्ट (Intensified Malaria Elimination Project) के अंतर्गत प्रदेश के 16 जिलों के 87 विकासखंडों में मलेरिया के उन्मूलन के लिए आर्थिक सहायता और मानव संसाधन उपलब्ध कराएगी। इससे छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त करने राज्य शासन द्वारा संचालित मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को और मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने प्रदेश में मलेरिया उन्मूलन के लिए जीएफएटीएम के इस सहयोग के लिए संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस मदद से प्रदेश में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी। इससे हम मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि जीएफएटीएम मलेरिया उन्मूलन के लिए प्रदेश को अगले तीन वर्षों तक आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। वर्ष 2017 के एपीआई रिपोर्ट के अनुसार दो से अधिक एपीआई (वार्षिक परजीवी सूचकांक) वाले 16 जिलों में इससे मलेरिया खत्म करने के कार्यों में तेजी लाई जाएगी। कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, कबीरधाम, राजनांदगांव, गरियाबंद और कोरबा जिले के 87 विकासखंडों में इस राशि का उपयोग किया जाएगा।

1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2024 तक मिलेगी वित्तीय सहायता

जीएफएटीएम द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में एक करोड़ 36 लाख रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। संस्था द्वारा मलेरिया उन्मूलन के लिए विभिन्न गतिविधियों के संचालन हेतु 17 फोर-व्हीलर वाहन और मलेरिया टेक्नीकल सुपरवाइजर्स के लिए 75  टू-व्हीलर वाहन मुहैया कराया जाएगा। इसके तहत दो राज्य स्तरीय और 16 जिला स्तरीय कंसल्टेंट भी नियुक्त किए जाएंगे। दो से अधिक एपीआई वाले उप-स्वास्थ्य केन्द्रों के सभी गांवों में मलेरिया से बचाव के लिए 63 लाख 62 हजार मच्छरदानी भी प्रदान किए जाएंगे। जीएफएटीएम 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2024 तक प्रदेश से मलेरिया को खत्म करने वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी।

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