कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु आपदा मोचन निधि से

प्रभावितों को मिलेगी सहायता

रायपुर – राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव सुश्री रीता शांडिल्य ने राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत ऐसे व्यक्ति जिनकी आजीविका गंभीर रूप से प्रभावित हुई है, किन्तु राहत शिविर में  नही रह रहे हैं। उन्हें भी राज्य आपदा मोचन निधि से सहायता पहंुचायी जा सकती है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि ऐसे व्यक्ति एवं उनका परिवार जिनकी आजीविका कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए किए गए लाॅकडाउन से गंभीर रूप से प्रभावित हुई हो, ऐसे व्यक्ति जो दिहाड़ी मजदूर की श्रेणी में आते हों। ऐसे व्यक्ति या उनके परिवार के पास राशन कार्ड उपलब्ध नही है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आपदा मोचन निधि से सहायता हेतु व्यय की अनुमति लाॅकडाउन के वास्तविक दिनों के लिए ही होगी। कलेक्टरों को सहायता प्रदान करने वाले व्यक्तियों का चिन्हांकन सर्तकता से करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    उल्लेखनीय है कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से कलेक्टर दुर्ग द्वारा लाॅकडाउन के दौरान राज्य आपदा मोचन निधि से संचालित राहत शिविर में रह रहे व्यक्तियों के अतिरिक्त स्थानीय ऐसे व्यक्ति जो गरीब तबके एवं जरूरतमंद हैं अथवा अन्य राज्य के मजदूर व्यक्ति जो कि कम्पनी या अन्य नियोक्ता के पास कार्यरत थे, जो कि स्वयं किराये के मकान अथवा अन्यत्र रहवास कर रहे हैं तथा लाॅकडाउन होने से उनकी आजीविका प्रभावित हुई हो। ऐसे जरूरतमंद लोगों को राज्य आपदा मोचन निधि से सूखा राशन प्रदान करने हेतु अनुमति दिए जाने हेतु लेख किया गया था। इस पत्र के तारतम्य में सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी कलेक्टरों को स्पष्ट करते हुए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।